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HomeRajasthan NewsSikar newsअब सीकर में ही हो सकेंगे देहदान

अब सीकर में ही हो सकेंगे देहदान

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सीकर. हमारे मेडिकल कॉलेज को केडेवर (शव) रखने का लाइसेंस मिल गया है। लाइसेंस मिलने से अब कॉलेज में पढऩे वाले भावी चिकित्सकों को कृत्रिम मानव देह पर प्रेक्टिकल नहीं करना पड़ेगा। देहदान के इच्छुक लोगों को भी अब जयपुर या दूसरे मेट्रो शहरों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान प्रेक्टिकल के सबसे जरूरी केडेवर का लाइसेंस मिलने से अब चार शव एक साथ रखे जा सकेंगे। इसके लिए सांवली स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में चार मोर्चरी कूलर लगाए गए हैं। खास बात यह है कि केडेवर लाइसेंस मिलने के साथ ही दस इच्छुक लोगों ने देहदान के लिए संकल्प पत्र भी दिए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले समय में हमारे कॉलेज की दूसरे शहरों पर केडेवर के लिए निर्भरता नहीं रहेगी।10 विद्यार्थियों के लिए एक शव जरूरीभारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआइ) के अनुसार 10 विद्यार्थियों के लिए एक शव अनिवार्य है। मेडिकल विद्यार्थियों को एनाटॉमी की पढ़ाई में शवों की जरूरत पड़ती है। कई बार शवों की कमी के कारण सिमुलेटर और डिजिटल शरीर का इस्तेमाल भी होता है, लेकिन इसकी अपनी सीमाएं हैं। एनाटॉमी के प्रोफेसर डा. सिंघल ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान असल अंगों को छूए और समझे बिना एनाटॉमी समझना मुश्किल है। बनेगा 500 बेड का नया अस्पतालसांवली में मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन के पास ही 500 बेड का नया अस्पताल बनेगा। इसके लिए कल्याण आरोग्य सदन से अस्पताल के लिए जमीन ली जाएगी। इसके लिए तकमीना तैयार किया जा रहा है। कॉलेज के पास ही अस्पताल होने से मरीजों को फायदा होगा। एनाटॉमी डिपार्टमेंट में लगाए मॉडल्समेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में मनुष्य शरीर के अंग जैसे लीवर, हड्डियां, खोपड़ी सहित अंगों के मॉडल्स लगाए गए हैं। इन मॉडल्स को विशेष प्रकार के घोल में रखा गया है। तीन स्केलेटन भी अलग से मौजूद है। केडेवर से शरीर संरचना को समझने के लिए 16 टेबल पर प्रेक्टिकल किया जाएगा। अत्याधुनिक टेबल पर प्रेक्टिल हो के लिए एक हॉल को तैयार किया गया है। इनका कहना है…सीकर मेडिकल कॉलेज को पांच केडेवर मिल गए हैं। चार मोर्चरी कूलर लगाए हैं। दस लोगों के देहदान के लिए संकल्प पत्र भरवाए जा चुके हैं। लाइसेंस मिलने से अब देहदान के लिए दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज के अधीन 500 बेड का नया अस्पताल बनाने की योजना है। मेडिकल कॉलेज को इस सत्र से शुरू किया जा सके इसके लिए फिलहाल एसके अस्पताल को ही मेडिकल कॉलेज के अधीन रखा जाएगा। डॉ. केके वर्मा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज सीकर

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